पशु की छाप (666) क्या है? 666 satan

पशु की छाप (666) क्या है?

पशु की छाप (666) क्या है?

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पशु की छाप” के लिए बाइबल में उल्लिखित संदर्भ प्रकाशितवाक्य 13:15-18 में पाया जाता है। अन्य संदर्भों को प्रकाशितवाक्य 14:9, 11, 15:2, 16:2, 19:20, और 20:4 हैं। यह छाप एक मुहर के रूप में मसीह विरोधी और झूठे भविष्यद्वक्ता ( Masihi विरोधी का प्रवक्ता) के अनुयायियों के लिए कार्य करता है। झूठा भविष्यद्वक्ता (दूसरा पशु) वह है जो लोगों को इस छाप को लगवाने का कारण बनता है। छाप को शाब्दिक रूप से हाथ या माथे के ऊपर लगाया जाता है और यह कोई ऐसा कार्ड नहीं जिसे कोई अपने साथ ले जाए।

प्रकाशितवाक्य 13 में दिए हुए पशु के बारे में समकालीन चिकित्सा प्रत्यारोपण चिप प्रौद्योगिकी की सफलताओं के कारण और अधिक रूचि को बढ़ा दिया है। ऐसा सम्भव है कि जिस प्रौद्योगिकी को आज हम देख रहे हैं वह आरम्भ की अवस्थाओं को प्रस्तुत करती हो जिसे अन्तत: पशु की छाप को लेने के लिए उपयोग किया जाएगा। यह जानना महत्वपूर्ण है कि चिकित्सा प्रत्यारोपण चिप पशु की छाप नहीं है। पशु की छाप कुछ इस तरह की होगी जो केवल उन्हें ही दी जाएगी जो मसीह विरोधी की पूजा करते हैं। चिकित्सा या आर्थिक चिप को अपने दाहिने हाथ या माथे में लगवाना पशु की छाप नहीं होगा। पशु की छाप अन्तिम समयों की पहचान होगी जिसे मसीह विरोधी के द्वारा कुछ भी खरीदने या बेचने के लिए आवश्यक किया जाएगा और यह केवल उन्हें ही दी जाएगी जो मसीह विरोधी की पूजा करते हैं।

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प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के बहुत से अच्छे टीकाकार पशु की छाप के सटीक स्वभाव के बारे में आपस में बहुत अधिक एक दूसरे से मतभेद में हैं। चिकित्सा के द्वारा चिप को लगाने के साथ ही, अन्य अटकलों में पहचान पत्र, एक माईक्रोचिप, एक बॉरकोड का होना जो कि चमड़ी पर गोदा हुआ चिन्ह होगा, या एक साधारण सी छाप होगी जो किसी को मसीह विरोधी के राज्य के प्रति विश्‍वासयोग्य होने की पहचान कराती है। अन्तिम दृष्टिकोण बहुत कम अटकल की मांग करता है, क्योंकि यह जो कुछ बाइबल ने हमें प्रदान किया है उसमें और अधिक सूचना को नहीं जोड़ता है। दूसरे शब्दों में, इनमें से कोई भी बात सम्भव हो सकती है, परन्तु ठीक उसी समय यह सभी की सभी मात्र अटकलें ही हैं। हमें अपने अधिकांश समय को सटीक विवरण प्राप्त करने के लिए अटकलों के ऊपर नहीं खर्चना चाहिए।

666 का अर्थ भी रहस्य से भरा हुआ है। कुछ लोगों ने यह अनुमान लगाया है कि जून 8, 2000-06/06/06 में एक सम्बन्ध था। तथापि, प्रकाशितवाक्य अध्याय 13 में, 666 की सँख्या एक व्यक्ति से सम्बन्धित है न कि एक तिथि से। प्रकाशितवाक्य 13:18 हमें बताता है, “ज्ञान इसी में है: जिसे बुद्ध हो वह इस पशु का अंक जोड़ ले, क्योंकि वह मनुष्य का अंक है, और उसका अंक 666 है।” किसी तरह से, यह सँख्या 666 मसीह विरोधी की पहचान करेगी। सदियों से बाइबल के व्याख्याकार 666 के साथ निश्चित लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ भी निकल कर सामने नहीं आया। इसलिए ही प्रकाशितवाक्य 13:18 कहता है सँख्या को जोड़ने के लिए ज्ञान की आवश्यकता है। जब मसीह विरोधी प्रगट होगा (2 थिस्सलुनीकियों 2:3-4), तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह कौन है और कैसे 666 की सँख्या उसकी पहचान करेगी।

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