Propose Day कहानी का अन्त क्या है?

Propose Day कहानी का अन्त क्या है?

Propose Day:-

Propose Day:- मसीही लड़के लड़कियाँ एक दूसरे को Propose करते हैं। अपना प्रेम प्रस्ताव उसके सामने रखते हैं। बहुत लड़के लड़कियाँ तो घुटनों के बल… फ़िल्मी अंदाज में Propose करते हैं। जिसे देख कर सामने वाली लड़की या लड़का उसके इस अंदाज से प्रभावित होकर प्रेम प्रस्ताव (Proposal) स्वीकार कर लेता/लेती है। जब कोई लड़की या कोई लड़का सामने वाले का प्रेम प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है तो वह उसका हो जाता है। इन दिन से रिश्ता शुरू हो जाता है। फिर फोन पर बातें करना, Chat करना, Video Call करना, मिलना आदि सब शुरू हो जाता है।

क्या आप जानते हैं इस तरह के प्रेम प्रस्ताव लड़के लड़कियों को शैतान के फंदे में, पाप में, और व्यभिचार में फंसा देता है। जबकि यह विवाह तो नही है।

तो Propose Day से शुरू होती हैं बहुत सारी प्रेम कहानियाँ… कुछ तो ऐसी होती हैं जो सावधान इन्डिया में भी दिखाई जाती हैं। जो सावधान इन्डिया में नही दिखाई जाती हैं… उन प्रेम कहानियों की चर्चा अख़बार में, मोहल्ले और रिश्तेदारी में हो रही होती है।

Propose के बाद मोहब्बत सिर चढ़ कर बोलती है… आशिकी में दीवाने हो जाते हैं… मोहब्बत इस कदर हावी हो जाती है कि प्यार के सिवा कुछ और दिखाई नही देता है।

फिर इसी रिश्ते में कुछ नए मेहमान भी घुस आते हैं धोखा, Break up3rd person, रिश्ते में बोरियत, आदि आदि।

इनके चलते बहुतों को बहुत बड़ा सदमा लगता है… फिर हाथ भी काटते हैं, खाना-पीना छोड़ देते हैं, किसी काम में मन नही लगता। पढ़ाई में मन नही लगता। गम और दुःख और दर्द आदि इनके साथ रिश्ता बन जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसी तकलीफ से सामना होता है जो बयाँ से बाहर होती है…जो शब्दों में भी बयाँ नही की जा सकती है।

फिर खुद को कोस रहे होते हैं क्यों इस शख्स को ज़िन्दगी में लाये… फिर बाद में पछताना पड़ता है।

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बाइबल से देखते हैं-

(यिर्मयाह 3:14)
हे भटकने वाले लड़को लौट आओ, क्योंकि मैं तुम्हरा स्वामी हूँ; यहोवा की यह वाणी है।…

(यिर्मयाह 31:22)
हे भटकने वाली कन्या, तू कब तक इधर उधर फिरती रहेगी?…

जो Propose करके संसारिक फ़िल्मी प्यार का रिश्ता बनाते हैं वो लड़के और लड़कियाँ भटक जाते हैं। यहाँ तक की अपना जीवन बर्बाद कर बैठते हैं। पहले उन्हें इस बात का एहसास नही होता लेकिन बाद में एहसास होता है। काश! उस दिन मैंने इसे Propose न किया होता या Proposal स्वीकार नही किया होता तो आज यह हालत नही होती।

(यिर्मयाह 31:19)
भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुँह काला हो गया।

फिर बहुत पछतावा होता है काश मैं उस लड़की या लड़के/लड़की को Life में नही लाया होता/होती तो आज यह दिन न देखना पड़ता। जब धोखा मिल जाता है या रिश्ता टूट जाता है तब सच्चाई सामने आती है। फिर इस समय बहुत बुरा हाल होता है। बहुत से आत्महत्या कर लेते हैं। बहुत से अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं।

कहानी शुरू कहाँ से हुई थी?

Propose Day… या Propose करने से… या Proposal स्वीकार करने से।

कहानी का अन्त क्या है?

पछतावा, रोना पीटना, चार जगह बेइज्जती होना, जीवन बर्बाद होना, या जीवन से हाथ धो बैठना आदि आदि।

✔जिसने वास्तव में आपको Propose किया उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया। यहाँ अब किसी संसारिक लड़के या लड़की की बात नही हो रही है।

किसने आपको प्रपोज क्या? और कैसे आपने उसका Proposal ठुकरा दिया?

यह कोई और नही बल्कि यीशु मसीह है… जिसने क्रूस पर अपनी दोनों बाहें फैला कर आपको Propose किया।

दूल्हा यीशु मसीह है जिसने हमें Propose किया है ताकि हम उसकी पवित्र दुल्हन बन जाएँ।

अब फिर यहाँ प्रशन उठता है-

क्या आपने यीशु का प्रेम प्रस्ताव (Proposal) स्वीकार किया?

(यूहन्ना 3:16)
क्योंकि परमेशवर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विशवास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।

(2 कुरिन्थियों 11:2)
क्योंकि मैं तुम्हारे विषय मे ईशवरीय धुन लगाए रहता हूँ, इसलिये कि मैं ने एक ही पुरूष से तुम्हारी बात लगाई है, कि तुम्हें पवित्र कुंवारी की नाईं मसीह को सौंप हूँ।

(प्रकाशित वाक्य 19:7,9)
7- आओ, हम आनन्दित और मगन हों, और उस की स्तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है।

9- …धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उस ने मुझ से कहा, ये वचन परमेशवर के सत्य वचन हैं।

आज के समय में बहुत से मसीही लड़के और लड़कियों के लिए यीशु के Proposal के कोई मायने नही होते हैं… क्योंकि ये दूसरे लड़कियों और लड़कों को Propose कर रहे होते हैं।

यीशु के Propose Day पर गौर नही करते… न उसका proposal दिखाई देता है… दिखाई तो वो देता है जो घुटनों पर बैठ कर propose करता है… जिसने क्रूस पर खून से लतपथ बाहें फैला कर Propose किया उसे अनदेखा कर दिया।

जब तक आप यीशु का Proposal स्वीकार नही करेंगे आप दुल्हन नही हैं…  अगर आप दुल्हन नही हैं तो आप मसीह के नही हैं।

संसारिक Propose day को छोड़िए जो व्यभिचार और पाप है। यीशु ने आपको Propose किया है यीशु से रिश्ता बेहतर बनायें। किसी खूबसूरत लड़की या Cute लड़के से रिश्ता बेहतर न बनाएँ।

आपका इस तरह संसारिक Propose day मानना आपको यीशु मसीह से दूर कर रहा है। Propose day शैतान का एक जाल है… जिसमें मसीही लोग भी फसें हैं।

यीशु के Proposal का जवाब दें।

प्रभु आपको बहुतायत से आशीष दे। Amen

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